देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल सफल, ऑनलाइन दवा बिक्री का प्रदर्शन कर किया विरोध, देखिए वीडियो

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, हरिद्वार। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को देशभर में केमिस्ट एवं ड्रगिस्टों द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल आयोजित की गई। इस दौरान अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की डीप डिस्काउंटिंग नीति के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा गया।

हरिद्वार जिले में भी उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर सभी केमिस्ट एवं ड्रगिस्टों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया। हड़ताल शांतिपूर्ण रही और जिलेभर में केमिस्ट समुदाय का व्यापक समर्थन देखने को मिला।

ज्ञापन में सरकार का ध्यान कई गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित कराया गया। केमिस्ट संगठनों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा बिना वैध एवं सत्यापित चिकित्सकीय पर्चों के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी की जा रही है, जो जन स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।

संगठनों ने कहा कि ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स की अत्यधिक छूट यानी डीप डिस्काउंटिंग नीति के कारण छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों का व्यापार गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, क्योंकि इनका दुरुपयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियां दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी के लिए कर रही हैं।

केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठनों ने कहा कि दवाइयां सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और बिना उचित सत्यापन के उनकी ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्टों ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर सपोर्ट प्रदाताओं के रूप में लगातार सेवाएं देते हुए आमजन तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी।

इसके बावजूद अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के संबंध में कई बार ज्ञापन और प्रमाण प्रस्तुत किए जाने के बाद भी संबंधित प्राधिकरणों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई गई।

केमिस्ट समुदाय ने केंद्र सरकार से मांग की कि मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और लाखों छोटे लाइसेंसधारी केमिस्टों एवं उनके कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

हड़ताल के दौरान आवश्यक एवं आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मानवीय दायित्व का भी निर्वहन किया गया।

You cannot copy content of this page