डीएम के निर्देश पर हरिद्वार परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना सत्यापन वाले 50 से अधिक ई-रिक्शा सीज, देखिए वीडियो

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने बिना सत्यापन संचालित ई-रिक्शाओं के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाते हुए 50 से अधिक ई-रिक्शाओं को सीज किया गया।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत वाल्मीकि चौक, रेलवे स्टेशन क्षेत्र और कर्नाटक भवन के आसपास सघन जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा संचालित पाए गए जिनका निर्धारित सत्यापन नहीं कराया गया था।

परिवहन विभाग ने ऐसे सभी वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी ई-रिक्शाओं का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराना अनिवार्य है। बिना सत्यापन वाले वाहन यात्रियों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर हरिद्वार में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रहा है।

एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने कहा कि बिना सत्यापन संचालित ई-रिक्शाओं के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने बताया कि जनपद में अवैध रूप से संचालित वाहनों पर परिवहन विभाग की लगातार नजर बनी हुई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और स्वामियों के खिलाफ भविष्य में भी चालान, सीजिंग और अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई के बाद बिना सत्यापन संचालित ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

You cannot copy content of this page