कांवड़ मेला-2026: 6000 से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान, 13 कंपनी अर्द्धसैनिक बल भी तैनात

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खबर डोज, हरिद्वार। श्रावण कांवड़ मेला-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। शनिवार को पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित बहुउद्देशीय भवन में एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में कांवड़ मेले में नियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले की सुरक्षा हर पुलिसकर्मी की सर्वोच्च जिम्मेदारी होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ब्रीफिंग में यातायात निदेशक के.के.वी.के., आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे, आईजी संचार विम्मी सचदेवा, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल और कुमाऊं रेंज से आए पुलिस बल, पीएसी, आईआरबी, होमगार्ड, पीआरडी, वन विभाग, प्रशासन तथा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवान भी ब्रीफिंग में शामिल हुए।

18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र

सुरक्षा और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों, जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (CO)/निरीक्षक तथा सेक्टर की जिम्मेदारी थाना प्रभारी, एसओ और एसएसआई स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा पूरे मेले में एसपी सिटी को नोडल अधिकारी, एसपी देहात को ग्रामीण क्षेत्र तथा एसपी क्राइम एवं ट्रैफिक निशा यादव को यातायात प्रबंधन और डायवर्जन प्लान की जिम्मेदारी दी गई है।

6000 से अधिक जवान और 13 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स तैनात

कांवड़ मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 6000 से अधिक पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 21 अपर पुलिस अधीक्षक, 39 पुलिस उपाधीक्षक, 48 निरीक्षक एवं थानाध्यक्ष, 424 उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी, 1324 मुख्य आरक्षी एवं कांस्टेबल, 1558 रिजर्व पुलिसकर्मी, 10 कंपनी पीएसी/आईआरबी, 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, 700 होमगार्ड, 350 पीआरडी जवान तथा 800 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) शामिल हैं।

ड्रोन, सीसीटीवी और बम निरोधक दस्तों से होगी निगरानी

पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 10 ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क और 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बीडीएस और डॉग स्क्वॉड की 9 टीमें, जल पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, घुड़सवार पुलिस, क्यूआरटी और फायर सर्विस की टीमें भी हर समय अलर्ट रहेंगी। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

एडीजी वी. मुरुगेशन बोले— हर जवान अपना 100 प्रतिशत दे

एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने कहा कि कांवड़ मेला उत्तराखंड के लिए बड़ी चुनौती होने के साथ-साथ आस्था का महापर्व भी है। उन्होंने जवानों से पूरी निष्ठा, सतर्कता और समर्पण के साथ ड्यूटी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई तथा भीड़ प्रबंधन में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होगी।

आईजी राजीव स्वरूप ने सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने को कहा

आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने पुलिस बल को धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले तत्वों, डीजे पर आपत्तिजनक गीतों और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से बेहतर समन्वय और लगातार सूचना का आदान-प्रदान ही मेले को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कुंजी होगा।

डीएम और एसएसपी ने दिए समन्वय और अनुशासन के निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी आपदा या समस्या की स्थिति में संयुक्त रूप से कार्रवाई की जाए। वहीं एसएसपी नवनीत सिंह ने मानसून के मद्देनजर सभी पुलिसकर्मियों को टॉर्च, रेनकोट, डंडा और ओआरएस साथ रखने, रात्रि में किसी भी कांवड़िये को सड़क पर नहीं सोने देने तथा पैदल कांवड़ियों को निर्धारित नहर पटरी मार्ग से ही भेजने के निर्देश दिए।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवान होंगे सम्मानित

कांवड़ मेले के दौरान उत्कृष्ट ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन सम्मानित किया जाएगा। पुलिस कर्मियों के लिए अलग वेलफेयर टीम बनाई गई है, जो उन्हें भोजन, पानी, रेनकोट, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। अलग-अलग स्थानों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे पुलिस, फायर और मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी।

प्रशासन और पुलिस का कहना है कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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