नकली दवाओं के ऑनलाइन धंधे का भंडाफोड़, कोटद्वार और रुड़की में चल रही थीं फैक्ट्रियां, दो गिरफ्तार

खबर डोज, देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाओं के ऑनलाइन कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपी नामी कंपनियों की दवाओं की हूबहू नकली कॉपी तैयार कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से देशभर में बेच रहे थे। इस मामले में कोटद्वार और रुड़की में संचालित फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग फेसबुक और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हेल्थ सप्लीमेंट और ब्रांडेड दवाओं को बेहद कम कीमत पर बेच रहे हैं। शक होने पर एसटीएफ टीम ने खुद ग्राहक बनकर दवाएं मंगवाईं। जांच में पाया गया कि दवाएं नकली हैं और उन पर नामी कंपनियों के फर्जी रैपर, लेबल और क्यूआर कोड लगाए गए थे। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए कोटद्वार और रुड़की में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री, रैपर, सीलिंग मशीन और विभिन्न कंपनियों के लेबल बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी बंद पड़ी फैक्ट्रियों और किराये के कमरों में नकली दवाएं तैयार कर रहे थे। इन दवाओं को बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के बाद ही फैक्ट्री चालू करते थे, ताकि लंबे समय तक किसी को भनक न लगे। गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मामले में गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवाएं खरीदने से बचें और केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा लें।

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