विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन, सीएम धामी बोले, लाखों परिवारों के दर्द और बलिदान को याद करने का अवसर

खबर डोज, हरिद्वार। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रेम नगर आश्रम, हरिद्वार में उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पगड़ी पहनाकर एवं त्रिशूल भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। इस दौरान पंजाबी समाज के लोगों ने विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा ब्लड कैंप का निरीक्षण कर रक्तदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। विभिन्न जनपदों से पहुंचे उत्तरांचल पंजाबी महासभा के बुजुर्गों को मुख्यमंत्री ने शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल भारत की भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की साझा विरासत, संस्कृति, पहचान और भावनाओं का विस्थापन भी था। सदियों से साथ रह रहे लोगों को रातों-रात अपने घर और जमीन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। लाखों परिवारों ने अपनों को खोया और विस्थापन का दर्द झेला। उन्होंने कहा कि इस पीड़ादायक इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि समाज देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का महत्व समझ सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को उस त्रासदी से अवगत कराना है।
उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली विरासत से पुनः जुड़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और करतारपुर कॉरिडोर जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश अपनी विरासत को दिव्यता और भव्यता के साथ पुनर्स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव, तीन तलाक की प्रथा पर रोक, नागरिकता संशोधन कानून, वक्फ कानून में संशोधन तथा 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे निर्णयों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और स्वाभिमान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। दूरस्थ क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पेयजल और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सरकार विकास के साथ उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और पहचान को संरक्षित रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 तक भारत अखंड था और मध्यरात्रि के बाद देश का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय एक बड़ी विडंबना यह थी कि देश का बंटवारा हो गया, लेकिन भारत और पाकिस्तान की सीमाएं तत्काल स्पष्ट नहीं थीं।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा की कोर कमेटी के सदस्य सुनील अरोड़ा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान की सीमा निर्धारित करने की जिम्मेदारी अंग्रेज अधिकारी सर सिरिल रेडक्लिफ को सौंपी गई थी, जिन्हें भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने भारत को पहले समझा तक नहीं था, उसे इतने बड़े और संवेदनशील कार्य की जिम्मेदारी सौंपना विभाजन की प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक एवं प्रदीप बत्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में मेयर हरिद्वार किरण जैसल, नगर पालिका अध्यक्ष शिवालिक नगर राजीव शर्मा, विधायक आदेश चौहान, विधायक सविता कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला, जिला चेयरमैन प्रमोद पांधी, जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष राज ओबराय, गढ़वाल मंडल उपाध्यक्ष राजकुमार अरोड़ा, जिला महामंत्री प्रदीप कालरा, राम अरोड़ा, राज्य मंत्री विश्वास डाबर, नितिन गौतम, आदेश सैनी, देशराज कर्णवाल, सुनील सैनी, शोभाराम प्रजापति, महंत लोकेश दास, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न जनपदों से आए उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पदाधिकारी एवं समाज के लोग मौजूद रहे।

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