पतंजलि योगपीठ के नाम पर हो रहे ठगी के खेल का पुलिस ने किया खुलासा, बाल अपचारी समेत दो गिरफ्तार

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-लंदन यूनाइटेड किंगडम की आईपी से तैयार की गई थी वेबसाइट, इंटरनेशनल पेमेंट का था फंडा
-प्रकरण में विधि विवादित किशोर को पुलिस संरक्षण में लेते हुए एक अन्य शातिर अभियुक्त को भी किया गिरफ्तार
-15 दिन में की थी 16.3 लाख की अवैध कमाई, बीते माह ही खरीदे थे दो मकान और दो लग्जरी गाड़ी
हरिद्वार। पंतजलि योगपीठ के नाम पर चल रहे ठगी के खेल का रविवार को हरिद्वार पुलिस ने बाल अपचारी समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को अभियुक्तों से तीन मोबाइल मिले हैं। 15 दिन में की गई 16.3 लाख की अवैध कमाई से अभियुक्तों ने दो मकान और दो लग्जरी कारें खरीदी थे।
रविवार को मायापुर चैकी में घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि 2 अगस्त को वादी आचार्य रजनीश उर्फ स्वामी बजरंग देव निवासी पतंजलि योगपीठ जिला हरिद्वार ने विगत कुछ महीनों से पतंजलि में इलाज के नाम पर हो रही फर्जी बुकिंग, बीमार पीड़ित से ठगी और पतंजलि योगपीठ की आम छवि खराब करने के संबंध में शिकायत दी थी। तहरीर के साथ ही 03 मामलों में लगभग 2 लाख की ठगी संबंधित दस्तावेज दिखाने पर थाना बहादराबाद पर मामला पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान पता चला कि अभियुक्तों ने पतंजलि में बुकिंग के लिए पतंजलि के नाम पर लंदन यूनाइटेड किंगडम की आईपी से फर्जी वेबसाइट तैयार की गई। डोमेन खरीदने के लिए पेमेंट का मोड भी इंटरनेशनल है। अभियुक्तों ने फर्जी आईडी के सिम निकलवाकर भिन्न-भिन्न ऑनलाइन वॉलेट और बैंकों आदि खातों से फ्रॉड अमाउंट को ट्रांसफर किया जाता है। छल से ही प्राप्त भोले-भाले लोगों के खातों का एक्सेस लेकर उनसे विड्रॉल किया जाता है। साथ ही आईएफसी कोड को भी काउंटरफीट करके हरिद्वार का डिसप्ले कर देते हैं। जिससे पीड़ित को विश्वास हो जाता है कि यह खाता पतंजलि योगपीठ का ही है। जबकि वास्तविक रूप से खाते बंगाल, बिहार, उड़ीसा और तमिलनाडु के पाए गए हैं। इस प्रकार अभियुक्तों के खाते की केवाईसी का स्थान, एटीएम विड्रॉल का स्थान, कॉलिंग नंबर की लोकेशन, वेबसाइट क्रिएशन का स्थान आदि यूनाइटेड किंगडम और देश के अन्य भिन्न-भिन्न स्थानों का होना पाया गया है। कहा कि उक्त संबंध में आरोपियों की धर पकड़ के लिए एसएसपी अजय सिंह के निर्देशन में टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने तत्परता एवं दक्षता से कार्यवाही करते हुए 10 अगस्त को बिहार के नवादा जिले के ग्राम सोहजाना से बुकिंग को लेकर बने फर्जी कॉल सेंटर से 2 साइबर ठगों को ग्रामीणों के भारी प्रतिरोध के बाबजूद गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्तों के मोबाइल की जांच से पाया कि सॉफ्टवेयर की मदद से अभियुक्त अपने फोन की लोकेशन किसी अन्य स्थान की कर सकते हैं। जिससे दौराने जांच पीड़ित को जिस नंबर से कॉल आती है, उनकी लोकेशन देश के भिन्न भिन्न कोनों मुंबई, असम, कोलकाता की आती है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एक का नाबालिग होने के कारण विधिक कार्यवाही के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया। अन्य अभियुक्त को सीजेएम कोर्ट नवादा में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल कर हरिद्वार लाया गया है। अभियुक्तों के बयान और मोबाइल से मिले अहम साक्ष्यों के आधार पर अन्य फरार अभियुक्तों को ट्रेस आउट किया जा रहा है। अभियुक्तों के व्हाट्सएप चैट और मौजूद अन्य दस्तावेजों से पता चला कि अभियुक्तों द्वारा मात्र 15 दिन में 16.3 लाख की अवैध कमाई की है। विगत कुछ ही माह में अभियुक्त सुरेंद्र ने 2 नए मकान और एक बोलेरो, एक स्कॉर्पियो खरीदी है। पुलिस ने मामले में सुरेंद्र चैधरी पुत्र बिशुन चैधरी और बाल अपचारी निवासी ग्राम कविरपुर, थाना शेखुपुर सराय, जिला शेखपुरा, बिहार को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम को अभियुक्तों से अपराध में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन मिले हैं। जिनमें पतंजलि में बुकिंग से संबंधित फर्जी बाउचर, लाखों रुपयों के लेन देन का हिसाब और अन्य महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट मौजूद हैं। पुलिस टीम में बहादराबाद प्रभारी निरीक्षक रविंद्र शाह, उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज, हेड कांस्टेबल योगेश कैंथोला, अरूण, कांस्टेबल राहुल देव, नरेंद्र सिंह, वसीम शामिल रहे।

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