नारी शक्ति से सशक्त हो रही सड़क सुरक्षा, सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: बोले परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा

खबर डोज, देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के बीच उत्तराखंड में परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। देहरादून में “नारी शक्ति – सड़क सुरक्षा संकल्प” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि चारधाम यात्रा जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाती है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
इस दौरान मनीषा बत्रा ने भी महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आज नारी हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही है। परिवहन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में महिला कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यस्थल की सुरक्षा, प्रशिक्षण सुविधाओं और समान अवसरों से जुड़े मुद्दों को उठाया। साथ ही महिला चालकों और परिचालकों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण और प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करने की मांग भी रखी गई।
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने बताया कि विभाग महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बेहतर प्रशिक्षण, मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल और सुविधाओं के जरिए एक समावेशी परिवहन तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी।
आरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने अपने संबोधन में जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन विभाग में करीब 120 महिला अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जो प्रवर्तन कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इनमें ऑटो चालक, ड्राइविंग प्रशिक्षु, निजी क्षेत्र की महिला प्रबंधक और उत्तराखंड परिवहन निगम की महिला चालक-परिचालक शामिल रहीं। सभी को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में महिला स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित, अनुशासित परिवहन व्यवस्था स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
चारधाम यात्रा 2026 से पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने में नारी शक्ति की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम का आयोजन आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड परिवहन विभाग, उत्तराखंड परिवहन निगम तथा निजी परिवहन क्षेत्र से जुड़ी महिला अधिकारी, कर्मचारी और महिला चालक-परिचालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

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