हरिद्वार हाईवे पर खामोशी, शहर में सख्ती: परिवहन विभाग की कार्यशैली पर सवाल, वीडियो हुआ वायरल

खबर डोज, हरिद्वार। हरिद्वार में परिवहन नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक ओर शहर के भीतर परिवहन विभाग की टीम चालान अभियान चलाकर सक्रियता दिखाती नजर आती है, वहीं दूसरी ओर हाईवे पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। खासकर हरिद्वार-श्यामपुर हाईवे पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां ओवरलोड और बिना नंबर वाले वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हाईवे पर रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डंपर बिना नंबर प्लेट के संचालित होते हैं। इतना ही नहीं, कई वाहन ओवरलोड होकर चलते हैं, जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि हादसों को भी न्योता दे रहा है। इसके बावजूद इन वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि हरिद्वार-श्यामपुर मार्ग एक व्यस्त मार्ग है, जहां से भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में बिना नंबर और ओवरलोड वाहनों की मौजूदगी सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक मानी जा रही है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि कई बार इन वाहनों के कारण जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है और दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
वहीं दूसरी ओर, परिवहन विभाग की टीम शहर के अंदर छोटे-छोटे नियम उल्लंघनों पर सख्ती दिखाती नजर आती है। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के चालान, कागजों की जांच और अन्य सामान्य उल्लंघनों पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि यह कार्रवाई नियमों के पालन के लिए जरूरी है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या विभाग हाईवे पर हो रहे गंभीर उल्लंघनों को नजरअंदाज कर रहा है?
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि विभाग की प्राथमिकताएं संतुलित नहीं दिख रही हैं। जहां बड़े स्तर पर हो रहे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई अपेक्षित है, वहीं छोटी-मोटी चेकिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल विभाग की छवि प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता में भी असंतोष बढ़ रहा है।
जरूरत इस बात की है कि परिवहन विभाग शहर और हाईवे दोनों जगहों पर संतुलित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे। खासकर ओवरलोडिंग और बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।

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