समाजसेवी कुंवर एनएस नेगी ने 52वीं बार किया स्वैच्छिक रक्तदान, पूरे उत्तराखंड में चला रहे जागरूकता अभियान

खबर डोज, पिथौरागढ़। मानवता और सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाजसेवी कुंवर एन.एस. नेगी ने सोमवार को पिथौरागढ़ में 52वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।

रक्तदान के बाद कुंवर नेगी ने कहा, “जीवनदायिनी रक्त का दान कर नवजीवन प्रदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को मेरा सादर प्रणाम।” उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य पूरे उत्तराखंड में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से शुरू की गई उनकी राज्यव्यापी रक्तदान यात्रा के तहत अब तक गढ़वाल मंडल के सभी सात जिलों में रक्तदान किया जा चुका है। वहीं कुमाऊं मंडल के छह जिलों में से नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और अब पिथौरागढ़ में भी उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान किया है। कार्यक्रम के दौरान ब्लड बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कुंवर नेगी ने कहा कि पिथौरागढ़ की यात्रा उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर ब्लड बैंक की दूरी और दिशा दर्शाने वाले संकेतक लगे हुए हैं, जो रक्तदाताओं और जरूरतमंदों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद पहल है।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में रक्तदान के प्रति अपेक्षाकृत कम जागरूकता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ों में रक्त की मांग कम होने के कारण कई लोग नियमित रूप से रक्तदान नहीं कर पाते। साथ ही वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश रक्तदाता अपने गृह जिले के बाहर स्वैच्छिक रक्तदान नहीं कर पाते, जिससे रक्तदान की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। उन्होंने सरकार और समाज से अपील की कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग अपने जिले के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों में भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं।
कुंवर नेगी ने लोगों को भारत सरकार के ‘रक्तकोश’ पोर्टल का उपयोग करने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से देशभर के ब्लड बैंकों से सीधे संपर्क किया जा सकता है और विभिन्न रक्त समूहों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि उनकी राज्यव्यापी रक्तदान यात्रा के अगले पड़ाव चंपावत और ऊधमसिंह नगर होंगे। इन दोनों जिलों में रक्तदान के बाद वर्ष 2020 से शुरू हुई उनकी उत्तराखंड की स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता यात्रा पूर्ण हो जाएगी। कुंवर नेगी ने विश्वास जताया कि उनका यह अभियान प्रदेश में रक्तदान के प्रति नई जागरूकता पैदा करेगा और अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ेंगे।

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