जीएसटी चोरी मामले में स्टेट जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार में कई मिठाई की दुकानों पर छापेमारी

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बीकानेर मिष्ठान समेत कई प्रतिष्ठानों को खंगाला, करीब 50 लाख रुपये की जीएसटी चोरी पकड़े जाने का दावा; कार्रवाई से व्यापारियों में मचा हड़कंप

खबर डोज, हरिद्वार। जीएसटी चोरी के खिलाफ स्टेट जीएसटी विभाग ने हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई मिठाई की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। विभागीय टीमों ने बीकानेर मिष्ठान समेत कई प्रमुख मिठाई कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, बिल, स्टॉक और जीएसटी रिकॉर्ड खंगाले। देर रात तक चली कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

बताया जा रहा है कि स्टेट जीएसटी विभाग की टीमों को कुछ प्रतिष्ठानों में जीएसटी से संबंधित अनियमितताओं और कर चोरी की शिकायतें मिली थीं। इसी आधार पर विभाग ने अलग-अलग टीमों का गठन कर कई स्थानों पर जांच शुरू की। छापेमारी के दौरान टीमों ने प्रतिष्ठानों में मौजूद स्टॉक का मिलान बिक्री और खरीद से जुड़े रिकॉर्ड से किया। साथ ही कंप्यूटर सिस्टम, बिल बुक और अन्य कारोबारी दस्तावेजों की भी जांच की गई।

विभागीय कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये की जीएसटी चोरी पकड़े जाने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम कर निर्धारण और जुर्माने की वास्तविक राशि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। विभाग की ओर से संबंधित कारोबारियों से कर, ब्याज और नियमानुसार जुर्माना वसूले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

जीएसटी विभाग की टीमों के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई अन्य बड़े दुकानदारों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। चर्चा है कि कुछ दुकानदार कार्रवाई की भनक लगते ही अपनी दुकानें बंद कर मौके से चले गए। इसके बाद विभागीय टीमों ने संबंधित प्रतिष्ठानों की गतिविधियों और उपलब्ध रिकॉर्ड को लेकर भी जानकारी जुटाई।

देर रात तक कई स्थानों पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच चलती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई ने मिठाई कारोबार से जुड़े व्यापारियों के बीच खलबली मचा दी है। विभाग की ओर से यह कार्रवाई जीएसटी नियमों के अनुपालन और कर चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई बताई जा रही है।

स्टेट जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच के दायरे में आए प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद कर चोरी की वास्तविक राशि और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।

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