जनरेटर था विवाद की जड़, हो गया बाजार बंद, फिर अधिकारी से बदसलूकी के जवाब में फेंका गया कूड़ा, दोनों पक्ष तहरीर लेकर पहुंचे कोतवाली, देखिए वीडियो

खबर डोज, हरिद्वार। हरिद्वार में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। जनरेटर हटाने और चालान की कार्रवाई के दौरान नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हुए विवाद ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया, जब निगम कर्मचारियों द्वारा सड़क पर कूड़ा फेंके जाने के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया। मामले में अब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम हरिद्वार द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत भीमगोड़ा से पोस्ट ऑफिस तक सड़क और नालों के बाहर किए गए अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान नगर निगम की टीम अमृतसरी वैष्णो ढाबा के बाहर पहुंची, जहां सड़क पर रखा जनरेटर अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया। निगम अधिकारियों ने जब चालानी कार्रवाई शुरू की तो विवाद खड़ा हो गया।
नगर निगम की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि ढाबा संचालक संजीव ने कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धक्का-मुक्की की। वहीं मारवाड़ी होटल संचालक वंश पर सफाई निरीक्षक विनय कुमार का गिरेबान पकड़ने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि टीम नियमानुसार कार्रवाई कर रही थी, लेकिन कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
विवाद यहीं नहीं थमा। घटना के बाद नगर निगम कर्मचारियों द्वारा संबंधित क्षेत्र में सड़क पर कूड़ा फेंकने का मामला सामने आया, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी फैल गई। व्यापारियों ने इसे प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताते हुए विरोध स्वरूप बाजार बंद कर दिया और निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। नगर निगम की ओर से सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता और कर्मचारियों से मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, जबकि व्यापारियों की ओर से भी निगम कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान, नगर निगम की कार्यशैली और व्यापारियों के विरोध को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 खबरडोज के व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ें







हरिद्वार नगर निगम के अधिकारी से अभद्रता पर बढ़ा विवाद, कर्मचारियों ने सड़क पर फैलाया कूड़ा, देखिए वायरल वीडियो