पश्चिम बंगाल निजी सचिव हत्याकांड: परिवार संग हरिद्वार से लौट रहा था शूटर राजकुमार, CBI ने छपार टोल पर धर दबोचा

खबर डोज, मुजफ्फरनगर। पश्चिम बंगाल के चर्चित निजी सचिव हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शूटर राजकुमार सिंह को मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी परिवार के साथ हरिद्वार से वापस लौट रहा था। सीबीआई की इस कार्रवाई को मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बलिया जिले के रातोपुर निवासी राजकुमार सिंह लंबे समय से जांच एजेंसी की निगरानी में था। सीबीआई को उसकी लोकेशन और गतिविधियों की पहले से जानकारी मिल चुकी थी। इसके बाद टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा के आसपास जाल बिछा दिया। सोमवार तड़के जैसे ही आरोपी की गाड़ी टोल के पास पहुंची, सीबीआई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेरकर हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी अपने परिवार के साथ हरिद्वार से लौट रहा था। कार्रवाई इतनी सटीक थी कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने मौके पर ही उससे प्रारंभिक पूछताछ की और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ ले गई।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में हत्या की साजिश, शूटर नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारियां मिलने की संभावना है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा आरोपी को किस स्तर पर मदद मिल रही थी।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 24 घंटे के पारगमन रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद जांच एजेंसी उसे आगे की पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल ले जा सकती है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का नाम कई बड़े आपराधिक मामलों में सामने आया है। इससे पहले अमृतसर विस्फोट मामले में भी पुलिस ने मुजफ्फरनगर से एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। ऐसे में राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर पश्चिम यूपी के आपराधिक नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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