वाह: कांवड़ मेले से ठीक पहले शुरू हुआ खाद्य सुरक्षा विभाग का ड्रामा, प्रतिष्ठानों से लिए 6 खाद्य नमूने, रिपोर्ट मेले के बाद आने पर उठे सवाल

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43 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 9 को फूड लाइसेंस न होने पर नोटिस

खबर डोज, हरिद्वार। कांवड़ मेले से ठीक पहले हर साल की तरह इस बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में 43 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए दही, दूध, खाद्य तेल, सरसों का तेल, चॉकलेट और बेवरेज सहित छह खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। हालांकि इन नमूनों की रिपोर्ट कांवड़ मेले के समाप्त होने के बाद ही आने की संभावना है, जिससे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।

सोमवार को खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने बहादराबाद-धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग, भूपतवाला तथा भगवानपुर से गागलहेड़ी तक स्थित स्थायी और अस्थायी ढाबों, भोजनालयों, रेस्तरां, होटलों और खाद्य स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में पहली टीम ने बहादराबाद से धनौरी कांवड़ पटरी मार्ग पर 16 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान नौ प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस नहीं मिला और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। विभाग ने संबंधित संचालकों को मौके पर नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर फूड लाइसेंस बनवाकर प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सभी संचालकों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, बासी भोजन का विक्रय नहीं करने, खाद्य सामग्री को ढककर रखने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए गए। इस टीम ने दही, दूध और खाद्य तेल के तीन नमूने जांच के लिए लिए।

दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टट्टा के नेतृत्व में भूपतवाला क्षेत्र के 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित पाए गए तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शपवन कुमार के नेतृत्व में तीसरी टीम ने भगवानपुर से गागलहेड़ी तक 17 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां भी सभी प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस और आवश्यक मानकों का पालन होता मिला।

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने रुड़की तहसील क्षेत्र की कांवड़ पटरी से सरसों का तेल, चॉकलेट और बेवरेज के तीन अतिरिक्त नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे।

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले से ठीक पहले लिए गए खाद्य नमूनों की रिपोर्ट मेले के बाद आने की संभावना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वास्तविक जांच का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा है, तो नमूनों की रिपोर्ट समय रहते उपलब्ध होना अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। ऐसे में निरीक्षण और सैंपलिंग की टाइमिंग पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

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