हरिद्वार में डेंगू की रोकथाम को लेकर आशा कार्यकत्रियों ने घर-घर अभियान किया तेज, 66 रैपिड टेस्ट में 7 पॉजिटिव

–जिले में अब तक 1999 लाख रैपिड टेस्ट, 42 पॉजिटिव, 23 सितंबर को 1686 घरों की जांच, 23 घरों में मिले लार्वा
खबर डोज, हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह के दिशा-निर्देशन और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. इंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं तथा डेंगू वालंटियरों की टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही घरों और आसपास जमा पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच कर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।

23 सितंबर 2026 की डेंगू क्लीनिकल एवं एंटी-डेंगू एक्टिविटी रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस दिन डेंगू का कोई क्लीनिकल पॉजिटिव केस दर्ज नहीं किया गया। रिपोर्ट में संचयी डेंगू पॉजिटिव केस भी शून्य दर्शाए गए हैं।

हालांकि, डेंगू की जांच के दौरान बुधवार को 66 रैपिड टेस्ट किए गए, जिनमें 7 टेस्ट पॉजिटिव पाए गए। अब तक जिले में कुल 1999 रैपिड टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें 42 संभावित पॉजिटिव मिले हैं। वहीं डेंगू एलिसा (ELISA) टेस्ट के तहत बुधवार को कोई जांच नहीं हुई। अब तक 25 एलिसा टेस्ट किए गए हैं और इनमें कोई पॉजिटिव मामला दर्ज नहीं हुआ है। रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए मामलों की पुष्टि को लेकर विभागीय जांच प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

5,960 घरों में पहुंचीं टीमें
एंटी-डेंगू अभियान के तहत 23 सितंबर को आशा कार्यकर्ताओं ने 1,686 घरों की जांच की। इनमें 23 घरों में लार्वा पाए गए। इस दौरान 2,396 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें 23 कंटेनर लार्वा के लिए पॉजिटिव मिले।
वहीं डेंगू वालंटियरों ने 4,274 घरों का निरीक्षण किया और 314 घरों में लार्वा पाए गए। वालंटियरों ने कुल 18,106 कंटेनरों की जांच की, जिनमें 355 कंटेनर लार्वा पॉजिटिव मिले।
रिपोर्ट के अनुसार अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने संचयी रूप से 1,17,805 घरों और 3,18,630 कंटेनरों की जांच की है। इनमें 722 घरों और 813 कंटेनरों में लार्वा पाए गए। इसी तरह डेंगू वालंटियरों ने अब तक 1,63,687 घरों और 7,12,929 कंटेनरों की जांच की है। इनमें 12,734 घर तथा 14,897 कंटेनर लार्वा पॉजिटिव पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस डेंगू के मच्छर के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के साथ ही लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने, कूलर, गमले, टंकियों और अन्य पानी वाले बर्तनों की नियमित सफाई करने के लिए जागरूक करने पर है। विभागीय टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी करते हुए लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं।

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