आशा कार्यकर्ताओं ने डीएम से वेतन, मानदेय और दिवाली बोनस समेत उठाईं 10 मांगें

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खबर डोज, हरिद्वार। आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर आशा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम एकता यूनियन की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को मांग पत्र सौंपा गया है। यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश्वरी चौहान की ओर से शनिवार को दिए गए मांग पत्र में आशा कार्यकर्ताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।

मांग पत्र में सबसे पहले जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं को अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की ओर से सम्मान दिए जाने की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

आशा कार्यकर्ताओं ने अपने मानदेय और वेतन में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही पहले की तरह आशा घर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मांग पत्र में कहा गया है कि कई बार आशाओं को मरीजों के साथ रात में अस्पताल में रुकना पड़ता है, ऐसे में उनके लिए उचित व्यवस्था होना जरूरी है।

यूनियन ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल से जुड़ी प्रोत्साहन राशि को लेकर भी समस्या उठाई है। मांग पत्र में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं की पूरे नौ महीने तक देखभाल करती हैं, लेकिन किसी कारणवश प्रसव के समय उनके साथ अस्पताल नहीं जा पाने पर मानदेय में कटौती किए जाने की शिकायत है। यूनियन ने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं पर बढ़ते लिखित कार्य और सर्वे का बोझ कम करने की मांग की गई है। मांग पत्र के अनुसार, साल में कई बार सर्वे कार्य करने के कारण आशाओं के नियमित क्षेत्रीय कार्य प्रभावित होते हैं।

आशा हेल्थ डेस्क से मिलने वाली राशि बढ़ाने, वर्ष 2024 से 2026 तक की लंबित प्रोत्साहन राशि एवं अन्य बकाया भुगतान जारी करने तथा पूर्व में संचालित सरकारी अस्पताल से संबंधित व्यवस्था को लेकर भी मांग रखी गई है।

यूनियन ने रुका हुआ वेतन और अन्य भुगतान जल्द जारी करने की मांग के साथ सभी आशा कार्यकर्ताओं को दीपावली बोनस दिए जाने की भी मांग की है। मांग पत्र में कहा गया है कि अभी तक आशा बहनों को दीपावली बोनस नहीं मिला है।

आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से नगर विकास मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड तक अपनी मांगें पहुंचाने का अनुरोध किया है। यूनियन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई है।

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