डेंगू पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर, आशाएँ और डेंगू वालंटियर सक्रिय, जिले में अब तक एक भी मामला नहीं

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खबर डोज, हरिद्वार। डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में व्यापक डेंगू सोर्स रिडक्शन और जन जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। 23 मई से शुरू किए गए अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों और डेंगू वालंटियर्स की टीमें घर-घर पहुंचकर डेंगू के मच्छर के लार्वा की जांच करने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। राहत की बात यह है कि अब तक जिले में डेंगू का एक भी मरीज सामने नहीं आया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह के नेतृत्व और जिला मलेरिया अधिकारी इंद्रपाल सिंह की देखरेख में अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिले में करीब 1730 आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के साथ डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों में जुटी हैं। इसके अलावा 13 अगस्त से 46 डेंगू वालंटियर्स को भी अभियान में लगाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की 17 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन में 4,357 घरों की जांच की गई, जबकि 17,223 कंटेनरों को चेक किया गया। इनमें 497 घरों और 564 कंटेनरों में डेंगू लार्वा पाया गया। अभियान के तहत लार्वा मिलने वाले स्थानों पर तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।

अब तक संचयी रूप से 91,804 घरों की जांच की जा चुकी है और 2,85,184 कंटेनरों का निरीक्षण किया गया है। इनमें 1,131 घरों और 1,299 कंटेनरों में लार्वा पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर, गमले, टायर, पानी की टंकियों और अन्य कंटेनरों की नियमित सफाई करने की अपील की जा रही है।

डेंगू की जांच के लिए भी विभाग सक्रिय है। 17 अगस्त को 10 रैपिड टेस्ट किए गए, जबकि अब तक कुल 476 रैपिड टेस्ट हो चुके हैं। एलाइजा जांच भी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में 110 डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई थी। इस बार शुरुआती स्तर पर ही सोर्स रिडक्शन और जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाकर डेंगू को रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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