बड़ी लापरवाही: बिना मेस और बैरक के चल रही सिडकुल कोतवाली, पुलिसकर्मियों को बाहर के खाने पर रहना पड़ता है निर्भर, बैरक और मेस का होता है बड़ा महत्व, यह बोले अधिकारी

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खबर डोज, हरिद्वार। औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली सिडकुल कोतवाली आज भी पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। थाने को अब कोतवाली का दर्जा मिल चुका है, लेकिन यहां आज तक न तो पुलिसकर्मियों के लिए मेस की व्यवस्था हो सकी है और न ही बैरक का निर्माण किया गया है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भोजन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

पुलिस विभाग में मेस का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं होता। चौबीसों घंटे कानून-व्यवस्था, आपातकालीन परिस्थितियों और वीआईपी ड्यूटी के बीच उनके लिए स्वयं भोजन बनाना संभव नहीं होता। मेस के माध्यम से उन्हें समय पर पौष्टिक और किफायती भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ पुलिसकर्मी अपने कार्य पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दे पाते हैं। परिवार से दूर रहकर सेवा देने वाले जवानों के लिए मेस किसी सहारे से कम नहीं होती और पुलिस बल के बीच आपसी समन्वय व भाईचारे को भी मजबूत करती है।

इसी तरह पुलिस बैरक भी किसी भी थाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता मानी जाती है। आपातकाल, दंगा या किसी बड़ी घटना के दौरान बैरक में रहने वाले पुलिसकर्मी तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे पुलिस की प्रतिक्रिया तेज होती है। दूर-दराज से आने वाले जवानों के लिए बैरक सुरक्षित आवास का काम करती है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैरक उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करती है, जबकि बेहतर आवासीय सुविधाएं पुलिसकर्मियों के मनोबल और कार्यक्षमता को भी बढ़ाती हैं।

सिडकुल कोतवाली में बैरक न होने के कारण यहां तैनात पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अथवा अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।

इस बीच एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठता है कि विभिन्न मामलों में गिरफ्तार कर लॉकअप में रखे जाने वाले आरोपियों के भोजन की व्यवस्था किस प्रकार की जाती है।

कोतवाली प्रभारी (उपनिरीक्षक) अजय शाह ने बताया कि वर्ष 2015 में थाना बनने के बाद से यहां मेस की व्यवस्था नहीं है। कोतवाली ठीक सटे फायर सर्विस कार्यालय की मेस से ही पुलिस कर्मियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। निर्माणाधीन सिडकुल कोतवाली की नई बिल्डिंग मेस और बैरक की व्यवस्था को बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन नजदीक होने के कारण यहां अलग से पुलिस बैरक का निर्माण नहीं किया गया है।

उधर, एफएसओ अनिल त्यागी ने बताया कि सिडकुल कोतवाली के मात्र 3-4 लोग ही कभी-कभी मेस का खाना खाने यहां आते हैं।

हालांकि सवाल यह है कि औद्योगिक दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्र की कोतवाली होने के बावजूद आज तक यहां मेस और बैरक जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों विकसित नहीं की गईं। पुलिसकर्मियों के बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाओं को लेकर यह मुद्दा विभाग के लिए गंभीर विचार का विषय माना जा रहा है।

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