केशव थलवाल मामले में नैनीताल हाईकोर्ट का सख्त रुख, मानसिक परीक्षण कराने और सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट न करने के दिए निर्देश, फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक

खबर डोज, नैनीताल। चर्चित केशव थलवाल प्रकरण में नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की ओर से दिए गए इन आदेशों ने पूरे प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में हलचल पैदा कर दी है। लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच और न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सबसे पहले केशव थलवाल का मानसिक परीक्षण (मेंटल इवैल्यूएशन) कराने का आदेश दिया है, ताकि पूरे मामले की वस्तुस्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
इसके अलावा, जिस पुलिस चौकी में केशव थलवाल के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के आरोप लगे थे, वहां की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखते हुए उसकी गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की सच्चाई अब दबाई नहीं जानी चाहिए और हर पहलू को पारदर्शिता के साथ सामने लाया जाए।
सोशल मीडिया को लेकर भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केशव थलवाल को निर्देशित किया है कि वह किसी भी प्रकार के भ्रामक, अनर्गल या विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की गतिविधियां न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
सबसे अहम राहत के तौर पर कोर्ट ने इस मामले में केशव थलवाल की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यानी जब तक आगे कोई नया आदेश नहीं आता, तब तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। इस निर्णय को केशव के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के इन चार प्रमुख आदेशों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की नजरें अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि इस पूरे प्रकरण में आगे क्या दिशा तय होती है।

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