चारधाम यात्रा में यात्रियों का शोषण पड़ा भारी, ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग पर तीन ई-रिक्शा सीज, देखिए वीडियो

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खबर डोज, हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने तथा उनके आर्थिक शोषण पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने बुधवार को स्वयं सामान्य यात्री बनकर शहर के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं की औचक जांच की। जांच के दौरान ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के तीन गंभीर मामले सामने आने पर संबंधित ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, पहली जांच में ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक यात्रा के दौरान ई-रिक्शा चालक ने लगभग ₹20 के सामान्य किराए के स्थान पर ₹50 वसूले। नियमों के उल्लंघन और यात्रियों से अधिक किराया लेने पर वाहन को सीज कर दिया गया।

दूसरे मामले में शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक चालक ने सामान्यतः ₹30 के किराए के बजाय ₹150 की मांग की और वसूली भी की। चारधाम यात्रियों के आर्थिक शोषण को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा को सीज कर दिया।

तीसरे प्रकरण में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक चल रहे ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। चालक द्वारा ओवरलोडिंग के साथ-साथ निर्धारित सीमा से अधिक किराया भी वसूला जा रहा था। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और नियमों की अनदेखी के चलते इस वाहन को भी सीज कर दिया गया।

एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के मानकों के अनुसार ई-रिक्शा सभी सवारियों से मिलाकर अधिकतम ₹12 प्रति किलोमीटर की दर से किराया ले सकते हैं। इसके बावजूद कुछ चालक श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से कई गुना अधिक किराया वसूलकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा अधिकारियों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है और विभिन्न स्थानों पर नियमित औचक निरीक्षण तथा गुप्त जांच अभियान चलाए जाएंगे।

परिवहन विभाग ने आमजन और चारधाम यात्रियों से भी अपील की है कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इस कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप का माहौल है। विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों के आर्थिक शोषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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