वीवीआईपी इंस्पेक्टर साहब: हरिद्वार जिले के आबकारी निरीक्षक फोन पर नहीं देते दर्शन

खबर डोज, हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में आबकारी विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हरिद्वार जिले के आबकारी निरीक्षक इन दिनों अपने कार्यालय में इतने व्यस्त बताए जा रहे हैं कि आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों के फोन तक उठाना उचित नहीं समझते। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई बार संपर्क करने के प्रयास के बावजूद उनका फोन रिसीव नहीं होता, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश की आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल की ओर से समय-समय पर सभी आबकारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय रहकर निरीक्षण, प्रवर्तन और जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दें। इसके बावजूद हरिद्वार नगर क्षेत्र में इन निर्देशों का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में शराब की दुकानों से संबंधित शिकायतों, अवैध शराब की बिक्री और अन्य मुद्दों पर संबंधित अधिकारी से संपर्क करना बेहद कठिन हो गया है। कई बार शिकायतकर्ता घंटों फोन मिलाते रहते हैं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिलता। ऐसे में विभाग की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहने के बजाय वातानुकूलित कार्यालयों तक ही सीमित रहेंगे और जनता के फोन तक नहीं उठाएंगे तो शासन की मंशा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विभाग की छवि को सुधारने और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए अधिकारियों का उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक है।
अब देखना यह होगा कि आबकारी आयुक्त के निर्देशों के बावजूद हरिद्वार नगर के आबकारी निरीक्षक अपनी कार्यशैली में बदलाव लाते हैं या फिर जनता और विभाग के बीच संवादहीनता का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है। जनता को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे।

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