अवैध होटल निर्माण को लेकर घमासान: मुकदमा दर्ज, तीन बार सीलिंग के बाद भी जारी प्रयास

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, हरिद्वार। हरकी पैड़ी क्षेत्र में अखाड़े की संपत्ति पर अवैध होटल निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष और उनके भाई द्वारा बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक एनओसी के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) पर दबाव बनाने की भी कोशिशें सामने आई हैं।

जानकारी के अनुसार, भाजपा मंडल अध्यक्ष किशन बजाज अपने भाई प्रीतम बजाज के साथ निरंजनी अखाड़े की धर्मशाला को होटल में तब्दील कराने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के लिए न तो कोई नक्शा पास कराया गया है और न ही किसी संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया गया है। इसके बावजूद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले वर्ष एचआरडीए अधिकारियों ने इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन ढांचे के लेंटर को सील कर दिया था। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा सीलिंग के बाद भी निर्माण कार्य जारी रखने की कोशिश की गई, जिस पर विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। तीसरी बार भी निर्माण कराने के प्रयास पर एचआरडीए के अभियंता ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।

बताया जा रहा है कि अब एक बार फिर अवैध निर्माण को पूरा कर होटल संचालन की योजना बनाई जा रही है। आरोप है कि सत्ता में पकड़ का फायदा उठाकर एचआरडीए अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे कार्रवाई से पीछे हट जाएं। इसी क्रम में प्राधिकरण कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया गया और अधिकारियों पर विभिन्न आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।

हालांकि, विभागीय अधिकारी दबाव में नहीं आए तो अब व्यापार मंडल के जरिए माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि व्यापारियों को गुमराह कर यह बताया जा रहा है कि अखाड़े की संपत्ति पर निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत हो चुका है, जबकि वास्तविकता यह है कि विभाग में अभी तक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

इस मामले ने धार्मिक संपत्ति के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और राजनीतिक दबाव जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लग पाती है या नहीं।

You cannot copy content of this page