नीलकंठ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं का एएसपी कोटद्वार ने लिया जायजा, कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा, देखिए वीडियो

ख़बर शेयर करें -

खबर डोज, पौड़ी गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दौरान प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए नीलकंठ धाम पहुंच रहे हैं, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार श्री मनोज ठाकुर ने लक्ष्मणझूला से नीलकंठ महादेव मंदिर तक पैदल यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर तथा आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं, भीड़ नियंत्रण प्रणाली, यातायात संचालन, पार्किंग स्थलों, संवेदनशील क्षेत्रों और आपातकालीन निकास मार्गों का जायजा लिया।

एएसपी ने श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सभी व्यवस्थाओं को मजबूत रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। संभावित भीड़ और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं।

एएसपी मनोज ठाकुर ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें पूरी सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र, सहयोगात्मक और सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने पर भी जोर दिया।

इस दौरान प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला सूर्यभूषण नेगी, चौकी प्रभारी नीलकंठ लक्ष्मण सिंह कुंवर सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए ताकि चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सके।

You cannot copy content of this page