चंडी देवी रोपवे मार्ग पर मिली अज्ञात महिला की लाश का खुलासा, प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, 25 दिन बाद तीन आरोपी गिरफ्तार

खबर डोज, हरिद्वार। चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास झाड़ियों में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने सुलझाते हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया है। करीब 25 दिनों तक चली गहन जांच, 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और लाखों मोबाइल नंबरों की तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने पत्रकार वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस टीम की सराहना की।

10 मई 2026 को थाना श्यामपुर क्षेत्र में चंडी देवी मंदिर के रोपवे के निकट बंद पड़े पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। शव निर्वस्त्र अवस्था में था और चेहरे की पहचान लगभग असंभव हो चुकी थी। घटनास्थल से पुलिस को दो कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, एक सफेद गमछा और महिला के गले में कसकर बंधा ब्लाउज मिला था, जिससे हत्या की आशंका गहरा गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं—पहली मृतका की पहचान और दूसरी हत्यारों तक पहुंचना।

जांच के दौरान पुलिस को मृतका के हाथों पर बने टैटू महत्वपूर्ण सुराग के रूप में मिले। दाहिने हाथ पर “KAUSHILYA” नाम और बाएं हाथ पर “K.R.” अक्षर व ओम का चिन्ह गुदा हुआ था। इसके आधार पर पुलिस ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले। जांच में वर्ष 2019 से अब तक की 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचनाओं का सत्यापन किया गया, जबकि 3540 महिलाओं के डेटा का भी मिलान किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली। आंधी-तूफान के कारण कई कैमरे क्षतिग्रस्त होने से जांच और कठिन हो गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने 1 से 10 मई तक की उपलब्ध फुटेज का विश्लेषण किया। इसी दौरान 8 मई की रात तीन संदिग्ध पुरुषों और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते हुए देखा गया। वापसी में महिला उनके साथ नहीं थी।
तकनीकी विश्लेषण, डंप डेटा, मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तीन संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम लगभग 700 किलोमीटर दूर बुंदेलखंड पहुंची और तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतका कौशल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश थी। उसका आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा के साथ प्रेम संबंध था। रामप्रकाश पहले से विवाहित था, लेकिन कौशल्या उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी दबाव से परेशान होकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत तीनों आरोपी कौशल्या को चंडी देवी दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार लेकर आए। सुनसान स्थान पर ले जाकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके और मामला दब जाए। आरोपियों को विश्वास था कि घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर शव मिलने के कारण मृतका की पहचान नहीं हो पाएगी, लेकिन हरिद्वार पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों ने उनकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।
पुलिस ने मामले में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष) और छेदीलाल (24 वर्ष) निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग भी बरामद किया गया है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टीम को 5000 रुपये तथा एसएसपी हरिद्वार ने 2500 रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला तकनीकी विवेचना, धैर्य और पेशेवर जांच का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें मृतका और आरोपी दोनों अज्ञात होने के बावजूद पुलिस ने हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा किया।

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