हरिद्वार में निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी: बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रसव कराने पर होगी कार्रवाई

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खबर डोज, हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और प्रसव केंद्रों के संचालकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि बिना योग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ के प्रसव कराने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड नैदानिक स्थापना (रजिस्ट्रेशन एवं विनियमन) नियमावली 2015 के तहत सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे मातृ मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करें। सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप घर पर होने वाले प्रसव को समाप्त करने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी निजी अस्पताल या प्रसव केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist), एनेस्थेटिस्ट (Anesthetist) और प्रशिक्षित नर्सिंग/पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति में सर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से प्रसव कराया जाता है, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमावली के तहत पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

सूचना में यह भी कहा गया है कि उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने सभी निजी अस्पतालों और प्रसव केंद्रों से अपील की है कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि जनपद में सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

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