उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: परिवहन, शिक्षा, खनन और कुंभ-2027 पर अहम निर्णय, खनन क्षेत्र में रॉयल्टी दर 7 रुपये से बढ़ाकर हुई 8 रुपये प्रति क्विंटल

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खबर डोज, देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। परिवहन, शिक्षा, खनन, वन, अल्पसंख्यक कल्याण और कुंभ मेला-2027 से जुड़े फैसलों को कैबिनेट ने मंजूरी दी, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने परिवहन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी देते हुए प्रवर्तन चालकों के लिए भी पुलिस विभाग के चालकों की तर्ज पर वर्दी निर्धारित करने का फैसला लिया है। साथ ही परिवहन विभाग को 250 नई बसें खरीदने की अनुमति दी गई है। जीएसटी दर में कमी के चलते पहले स्वीकृत 100 बसों के स्थान पर अब 109 बसें खरीदने की मंजूरी भी दी गई है।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए हरिद्वार में होने वाले निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी और 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल मंडल आयुक्त स्तर पर स्वीकृत किए जा सकेंगे, जबकि इससे अधिक लागत के कार्यों के लिए शासन से मंजूरी आवश्यक होगी।

खनन क्षेत्र में भी बदलाव करते हुए उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन कर रॉयल्टी दर 7 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। वहीं आबकारी नीति के अनुरूप 6 प्रतिशत वैट दरों के संशोधन प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।

विधिक सेवा के क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन करते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को पदेन सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही एसिड अटैक पीड़ितों को भी निःशुल्क विधिक सेवा के दायरे में शामिल किया गया है।

वन विभाग के अंतर्गत अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन करते हुए वन दरोगा के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। साथ ही आयु सीमा में भी संशोधन किया गया है।

अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक संचालित मदरसों को अब जिला स्तर पर संबद्धता दी जाएगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के संस्थानों को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। इसके लिए अध्यादेश लाने को भी मंजूरी दी गई है।

कार्मिक विभाग से जुड़े फैसले में एकल संवर्ग की भर्ती में प्रतीक्षा सूची के उपयोग को लेकर स्पष्ट एसओपी तैयार करने का निर्णय लिया गया है। वहीं विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए नई शैक्षिक योग्यताओं को भी मंजूरी दी गई है।

संस्कृत शिक्षा संवर्ग सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी, जिससे शिक्षकों के प्रमोशन में आ रही बाधाएं दूर होंगी। लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के पदों को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में नए प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की निविदा सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है। उच्च शिक्षा में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना को अब अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।

वन क्षेत्रों के आसपास आजीविका बढ़ाने और मानव-हाथी संघर्ष कम करने के उद्देश्य से मौन पालन (मधुमक्खी पालन) आधारित नीति को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।

कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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