कोटद्वार रेलवे स्टेशन के बाहर 59 खोखों को हटाने के नोटिस से व्यापारियों में रोष, प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, सीएम से हस्तक्षेप की मांग, देखिए वीडियो

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खबर डोज, कोटद्वार। कोटद्वार रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन के बाहर वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों और खोखा संचालकों को हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मामले में प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड की नगर इकाई कोटद्वार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और प्रभावित व्यापारियों को राहत देने की मांग की है।

नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवीण भाटिया की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा कि कोटद्वार रेलवे स्टेशन को नए स्वरूप में तैयार किया गया है। स्टेशन के बाहर बनाए गए क्षेत्र में लगभग 59 खोखों को हटाने के लिए संबंधित विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। व्यापार मंडल ने इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाले दुकानदारों की समस्या को गंभीर बताते हुए सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

कहा कि इनमें कई लोग लंबे समय से यहां अपना व्यवसाय कर रहे हैं। व्यापार मंडल के अनुसार, कुछ दुकानदार करीब 72 वर्षों से नगर पालिका-नगर निगम से संबंधित भूमि पर कारोबार करते आ रहे हैं और नियमित रूप से शुल्क का भुगतान कर रहे हैं। कहा कि लगभग 75 लोग विभाजन विभीषिका से प्रभावित परिवारों से जुड़े हैं।

व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवीन भाटिया ने कहा कि विगत 14 अगस्त को उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से आयोजित विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में भी ऐसे परिवारों के लोग शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शिरकत की थी। कहा कि एक ओर सरकार इन परिवारों के संघर्ष और योगदान को सम्मान दे रही है, वहीं दूसरी ओर उनके रोजगार के साधन समाप्त होने की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

पत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक ऋतु भूषण खंडूड़ी, कोटद्वार की मेयर शैलेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी तथा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई जा चुकी है। व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें अब तक केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवीण भाटिया ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि रेलवे स्टेशन के गेट के सामने स्थित जिन दुकानों और खोखों को हटाया जाना प्रस्तावित है, उन्हें तत्काल न हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण अथवा अन्य विकास कार्यों के कारण कुछ दुकानों को हटाना आवश्यक है तो प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए।

पत्र में यह भी मांग की गई है कि दुकानदारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनके रोजगार से वंचित न किया जाए। कहा कि वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों की दुकानें अचानक हटने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बैंक ऋण और अन्य आर्थिक दायित्वों को पूरा करने का संकट खड़ा हो सकता है।

व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए प्रभावित व्यापारियों को राहत देने की मांग की है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और स्टेशन रोड के दुकानदारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था सामने आती है या नहीं।

प्रदर्शनकारियों में नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवीन भाटिया के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद वर्मा, अमित कर्णवाल, राकेश शर्मा, आशीष सतीजा, नवीन गियाल, राकेश भाटिया, रोबिन बंसल, सूरज, सुधीर भाटिया आदि व्यापारी मौजूद रहे।

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